| वर्ष | आयोग / समिति | क्यों बनाया गया | प्रमुख कार्य / सिफारिश |
|---|---|---|---|
| 1854 | वुड्स डिस्पैच | शिक्षा सुधार | आधुनिक शिक्षा प्रणाली, विश्वविद्यालयों की स्थापना |
| 1858 | पील आयोग | 1857 के विद्रोह के बाद | भारतीय सेना का पुनर्गठन |
| 1860 | इंडिगो आयोग | नील किसानों के विद्रोह की जांच | किसानों की शिकायतों की जांच |
| 1880 | स्ट्रेची अकाल आयोग | 1876–78 के अकाल के बाद | Famine Fund और अकाल राहत नीति |
| 1882 | हंटर आयोग | शिक्षा की समीक्षा | प्राथमिक शिक्षा पर जोर |
| 1886 | एचीसन आयोग | सिविल सेवा सुधार | ICS और प्रांतीय सेवाओं का पुनर्गठन |
| 1898 | भारतीय प्लेग आयोग | प्लेग महामारी | स्वास्थ्य एवं नियंत्रण उपाय |
| 1902 | फ्रेजर पुलिस आयोग | पुलिस सुधार | पुलिस प्रशासन में सुधार |
| 1902 | रैले आयोग | विश्वविद्यालय सुधार | Indian Universities Act, 1904 का आधार |
| 1912 | इस्लिंगटन आयोग | सिविल सेवा सुधार | भारतीयों की सीमित भर्ती |
| 1917 | सैडलर आयोग | कलकत्ता विश्वविद्यालय की समीक्षा | 12वीं के बाद विश्वविद्यालय शिक्षा |
| 1918 | सेडलर समिति (व्यावसायिक शिक्षा) | शिक्षा सुधार | तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा पर सुझाव |
| 1919 | साउथबरो समिति | मताधिकार तय करना | निर्वाचन व्यवस्था |
| 1919 | बैबिंगटन-स्मिथ समिति | मुद्रा एवं वित्त | मुद्रा संबंधी सिफारिशें |
| 1921 | हिल्टन यंग आयोग | मुद्रा एवं बैंकिंग | रिज़र्व बैंक की स्थापना की सिफारिश |
| 1924 | ली आयोग | भारतीयकरण | सिविल सेवाओं में भारतीयों की भर्ती बढ़ाना |
| 1927 | हार्टोग समिति | शिक्षा | प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता |
| 1927 | साइमन आयोग | 1919 अधिनियम की समीक्षा | संवैधानिक सुधार |
| 1928 | नेहरू रिपोर्ट | साइमन आयोग का भारतीय उत्तर | संविधान का प्रारूप |
| 1929 | व्हिटली आयोग | श्रमिकों की दशा | श्रम कानून सुधार |
| 1930–32 | गोलमेज सम्मेलन | संवैधानिक समाधान | भारतीय नेताओं से वार्ता |
| 1931 | कराची प्रस्ताव | मौलिक अधिकार एवं आर्थिक नीति | कांग्रेस की सामाजिक-आर्थिक दृष्टि |
| 1932 | लोथियन समिति | मताधिकार | निर्वाचन सुधार |
| 1934 | सप्रू समिति | संवैधानिक गतिरोध | संवैधानिक समाधान |
| 1938 | राष्ट्रीय योजना समिति | आर्थिक नियोजन | अध्यक्ष – जवाहरलाल नेहरू |
| 1942 | क्रिप्स मिशन | युद्धकालीन सहयोग | डोमिनियन स्टेटस का प्रस्ताव |
| 1945 | वेवेल योजना | राजनीतिक गतिरोध | शिमला सम्मेलन |
| 1946 | कैबिनेट मिशन | सत्ता हस्तांतरण | संविधान सभा का गठन |
| 1946 | कैबिनेट मिशन योजना के अंतर्गत विशेषज्ञ समिति | संविधान निर्माण | संविधान सभा की कार्यप्रणाली |
| 1947 | माउंटबेटन योजना | स्वतंत्रता | भारत का विभाजन और स्वतंत्रता |
UKPCS/BPSC/UPSC में सबसे अधिक पूछे जाने वाले
- वुड्स डिस्पैच (1854)
- पील आयोग (1858)
- इंडिगो आयोग (1860)
- स्ट्रेची अकाल आयोग (1880) (1876–78 के अकाल के बाद गठित)
- हंटर आयोग (1882)
- एचीसन आयोग (1886)
- रैले आयोग (1902)
- फ्रेजर पुलिस आयोग (1902)
- इस्लिंगटन आयोग (1912)
- सैडलर आयोग (1917)
- हिल्टन यंग आयोग (1921)
- ली आयोग (1924)
- हार्टोग समिति (1927)
- साइमन आयोग (1927)
- व्हिटली आयोग (1929)
- लोथियन समिति (1932)
- क्रिप्स मिशन (1942)
- कैबिनेट मिशन (1946)
अगर आप BPSC, UKPCS, UPSC या State PCS की तैयारी कर रहे हैं, तो ब्रिटिश काल में बने प्रमुख आयोग (Commissions) और समितियाँ (Committees) वर्ष, गठन का कारण और उनके कार्य याद होना बहुत महत्वपूर्ण है।
| वर्ष | आयोग / समिति | क्यों बनाया गया | प्रमुख कार्य / सिफारिश |
|---|---|---|---|
| 1854 | वुड्स डिस्पैच | भारत में शिक्षा सुधार | आधुनिक शिक्षा प्रणाली, विश्वविद्यालय स्थापित करने की सिफारिश |
| 1882 | हंटर आयोग | शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा | प्राथमिक शिक्षा पर जोर, माध्यमिक शिक्षा में सुधार |
| 1886 | पब्लिक सर्विस कमीशन (एचीसन आयोग) | सिविल सेवा सुधार | ICS और प्रांतीय सेवाओं का पुनर्गठन |
| 1892 | इंडियन फैक्ट्री आयोग | मजदूरों की स्थिति | फैक्ट्री कानूनों में सुधार |
| 1902 | रैले आयोग | विश्वविद्यालयों की स्थिति | विश्वविद्यालय सुधार, जिसके आधार पर Indian Universities Act 1904 आया |
| 1905 | फ्रेजर पुलिस आयोग | पुलिस सुधार | पुलिस प्रशासन में सुधार |
| 1912 | इस्लिंगटन आयोग | सिविल सेवा सुधार | भारतीयों को सीमित अवसर देने की सिफारिश |
| 1917 | सैडलर आयोग | कलकत्ता विश्वविद्यालय की जांच | 12वीं के बाद विश्वविद्यालय शिक्षा की सिफारिश |
| 1919 | साउथबरो समिति | चुनाव व्यवस्था | मताधिकार (Franchise) निर्धारित करना |
| 1924 | ली आयोग | सिविल सेवा में भारतीयकरण | भारतीयों की भर्ती बढ़ाने की सिफारिश |
| 1927 | हार्टोग समिति | शिक्षा की गुणवत्ता | प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधार |
| 1927 | साइमन आयोग | 1919 अधिनियम की समीक्षा | संवैधानिक सुधार; इसमें कोई भारतीय सदस्य नहीं था |
| 1928 | नेहरू रिपोर्ट | साइमन आयोग का भारतीय उत्तर | भारत के लिए संविधान का प्रारूप |
| 1929 | व्हिटली आयोग | श्रमिकों की स्थिति | मजदूर कानूनों में सुधार |
| 1930–32 | गोलमेज सम्मेलन | संवैधानिक सुधार | भारतीय नेताओं और ब्रिटिश सरकार के बीच चर्चा |
| 1932 | लोथियन समिति | मताधिकार विस्तार | चुनाव सुधार |
| 1934 | सप्रू समिति | संवैधानिक गतिरोध समाप्त करना | संवैधानिक समाधान सुझाना |
| 1938 | राष्ट्रीय योजना समिति | आर्थिक योजना | अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू |
| 1942 | क्रिप्स मिशन | द्वितीय विश्व युद्ध में सहयोग प्राप्त करना | युद्ध के बाद डोमिनियन स्टेटस का प्रस्ताव |
| 1945 | वेवेल योजना | राजनीतिक गतिरोध दूर करना | शिमला सम्मेलन आयोजित |
| 1946 | कैबिनेट मिशन | सत्ता हस्तांतरण की योजना | संविधान सभा का गठन, संघीय योजना |
| 1947 | माउंटबेटन योजना | भारत की स्वतंत्रता | भारत का विभाजन और स्वतंत्रता |
परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण आयोग
- 1882 – हंटर आयोग → शिक्षा
- 1902 – रैले आयोग → विश्वविद्यालय
- 1917 – सैडलर आयोग → विश्वविद्यालय शिक्षा
- 1924 – ली आयोग → सिविल सेवा का भारतीयकरण
- 1927 – हार्टोग समिति → शिक्षा
- 1927 – साइमन आयोग → संवैधानिक सुधार
- 1929 – व्हिटली आयोग → श्रम
- 1942 – क्रिप्स मिशन → स्वतंत्रता प्रस्ताव
- 1946 – कैबिनेट मिशन → संविधान सभा
- 1947 – माउंटबेटन योजना → स्वतंत्रता एवं विभाजन
याद रखने की ट्रिक (विषयवार):
- शिक्षा: वुड्स → हंटर → रैले → सैडलर → हार्टोग
- सिविल सेवा: एचीसन → इस्लिंगटन → ली
- संवैधानिक सुधार: साइमन → गोलमेज सम्मेलन → क्रिप्स → कैबिनेट मिशन → माउंटबेटन
- श्रम: व्हिटली आयोग
- मताधिकार: साउथबरो → लोथियन